गौरीशंकर राय - कीर्ति कलश
स्व० राय साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पं० ईश्वरदेव मिश्र द्वारा संकलित ऐतिहासिक शोध ग्रंथ।
दिनांक 28 अप्रैल, 2012 को नई दिल्ली में महामहिम श्री बी०पी० सिंह (राज्यपाल सिक्किम) द्वारा विमोचित।
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध (उ.प्र.)
गौरी शंकर राय कन्या महाविद्यालय, करनई, बलिया
33+
सेवा के वर्ष
1150+
छात्राएँ (2024–25)
हाँ
NEP-2020 अनुरूप
UPRTOU
दूरस्थ शिक्षा (UPRTOU)
गौरीशंकर राय स्मृति समिति गत 33 वर्षों से सामाजिक चेतना को जागृत करने, राय साहब के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा समाज के पिछड़े, असहाय तबकों के उत्थान हेतु उत्तर प्रदेश में सतत् प्रयत्नशील है।
गौरीशंकर राय जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी चिंतक, किसान नेता, प्रखर वक्ता, संसदीय परम्पराओं के संस्थापक, अन्याय के विरूद्ध लड़ने वाले व सिद्धांतों पर अटल रहने वाले योद्धा के रूप में उनकी अपनी अलग पहचान थी। आजादी की लड़ाई से प्रारम्भ हुई सामाजिक जीवन यात्रा का अंतिम महत्वपूर्ण पड़ाव था समग्र क्रांति आंदोलन।
आम गरीब किसानों के लिए संघर्ष, मूल्याधारित राजनीति के लिए समर्पित जीवन और राजनीति का सामाजिक जीवन से सामंजस्यपूर्ण समायोजन में उनका अटूट विश्वास था। श्री राय राजनीतिक जीवन में रहते हुए साधन और साध्य दोनों की पवित्रता के पोषक रहे तथा राजनीति में अपराधियों की भूमिका के बारे में देश को बहुत पहले ही उन्होंने सचेत किया था।
श्री राय के जीवन यात्रा की समाप्ति के बाद से उनके जन्म दिवस एवं पुण्य तिथि के अवसर पर प्रत्येक वर्ष उच्च स्तरीय विचार गोष्ठियों का आयोजन समिति के तत्वावधान में होता रहा है।
राय साहब की स्मृति में कन्या महाविद्यालय की स्थापना तथा कला संकाय में पठन-पाठन प्रारम्भ।
विज्ञान संकाय तथा शिक्षा संकाय (B.Ed.) का शुभारंभ।
हिन्दी, गृहविज्ञान, समाजशास्त्र एवं मनोविज्ञान में परास्नातक स्तर (M.A.) तथा डी०एल०एड० (D.El.Ed.) का आरंभ।
शिक्षाशास्त्र में स्नातकोत्तर (M.A. Education) की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ।
उ०प्र० राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय से सम्बद्ध होकर डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन।
महाविद्यालय में लगभग 1,150 छात्राओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण की।
राय साहब की स्मृति में कन्या महाविद्यालय की स्थापना तथा कला संकाय में पठन-पाठन प्रारम्भ।
विज्ञान संकाय तथा शिक्षा संकाय (B.Ed.) का शुभारंभ।
हिन्दी, गृहविज्ञान, समाजशास्त्र एवं मनोविज्ञान में परास्नातक स्तर (M.A.) तथा डी०एल०एड० (D.El.Ed.) का आरंभ।
शिक्षाशास्त्र में स्नातकोत्तर (M.A. Education) की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ।
उ०प्र० राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय से सम्बद्ध होकर डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन।
महाविद्यालय में लगभग 1,150 छात्राओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण की।
स्व० राय साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पं० ईश्वरदेव मिश्र द्वारा संकलित ऐतिहासिक शोध ग्रंथ।
दिनांक 28 अप्रैल, 2012 को नई दिल्ली में महामहिम श्री बी०पी० सिंह (राज्यपाल सिक्किम) द्वारा विमोचित।
समिति के संस्थापक अध्यक्ष स्व० सगीर अहमद के व्यक्तित्व एवं सामाजिक योगदान पर आधारित ग्रन्थ।
Constitution Club सभागार, नई दिल्ली में मा० श्री हरिवंश जी (उपसभापति, राज्यसभा) द्वारा विमोचित।
श्रद्धेय श्री गौरीशंकर राय जी के विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा तथा संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) में दिए गए ऐतिहासिक भाषणों व संसदीय अभिलेखों का संकलन।
आने वाली पीढ़ी को संसदीय मूल्यों और तौर-तरीकों से परिचित कराने हेतु समिति द्वारा प्रकाशन का संकल्प।