🌱1940
भारत स्काउट्स तथा आर्य वीर दल के कार्य में रुचि, चरखा तथा अन्य रचनात्मक कार्यों में रूझान, स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य।
1941
परिवार के दबाव में विवाह।
✊1942
नवीं कक्षा के छात्र के रूप में भारत छोड़ो आन्दोलन में छात्रों के जुलूस का नेतृत्व, 14 अगस्त को गिरफ्तारी व 18 अगस्त को जिला जेल, बलिया का फाटक खुलने पर रिहाई, उसके उपरान्त पुनः फरारी। विद्यालय से निष्कासन।
महात्मा गांधी के कार्यक्रमों का कार्यान्वयन, प्रचार और उ०प्र०/बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वदेशी और चरखा का प्रचार।
1945
जिला छात्र कांग्रेस के अध्यक्ष, प्रदेश छात्र कांग्रेस की कार्यसमिति के सदस्य।
1946
जिला कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य, कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की कार्यसमिति के सदस्य चन्द्रशेखर, काशी नाथ मिश्र जैसे छात्र नेताओं को लेकर छात्र आंदोलन को नई दिशा व पुनः शिक्षा प्रारम्भ।
🇮🇳1947
स्वतंत्रता प्राप्ति के तत्काल बाद छात्र आन्दोलन का नेतृत्व व जेल यात्रा।
1948
आचार्य नरेन्द्र देव व जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में सोशलिस्ट पार्टी की कार्यकारिणी के सदस्य।
1949
सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेशीय मंत्री। स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण उ०प्र० शासन द्वारा नैनीताल में आवंटित 50 एकड़ जमीन लेने से इनकार।
स्नातक स्वतंत्रता सेनानी होने के कारण शासन द्वारा उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति की पेशकश पर सधन्यवाद अस्वीकृति।
1950
नगर पालिका बलिया के चुनाव में पुराने मठाधीशों को परास्त कराने में नया कीर्तिमान।
प्रारम्भ से ही समाजवादी विचारधारा, प्रखर वक्ता, गरीबो व पिछड़ो के हिमायती।
किसान, मजदूर व छात्र आंदोलन में सक्रिय तथा शिकमी आन्दोलन का नेतृत्व।
1951
टाउन विद्यालय में अध्यापन।
🗳️1952
बलिया विधान सभा क्षेत्र से, सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के रूप में, चुनाव में कुछ सौ मतो से पराजित।
अध्यापन कार्य से अलग।
1954
असम और नागालैण्ड में उ०प्र० निवासी गरीब मजदूरों पर चल रहे दमन चक्र के विरोध में संघर्ष। छः माह से अधिक समय के असम प्रवास के दौरान आंदोलन का सफल नेतृत्व।
🏛️1957
प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर, बलिया विधान सभा क्षेत्र से विधान सभा सदस्य निर्वाचित।
आगरा विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य।
विधान सभा में बाबू त्रिलोकी सिंह, नारायण दत्त तिवारी, गेंदा सिंह के साथ सशक्त विपक्षी की भूमिका।
विधान सभा में महत्वपूर्ण विषयों तथा संवैधानिक मुद्दो पर विशेष रूचि।
देश में पहली बार, याचिका के माध्यम से, लोक महत्व का प्रश्न उठाने के सदस्य के अधिकार का विधान सभा में सदुपयोग।
1960
रसड़ा में चीनी मिल स्थापित करने का मामला विधान सभा में उठाया। अन्ततः 1969 में केन्द्र सरकार द्वारा चीनी मिल की स्थापना हेतु स्वीकृति।
1964
अशोक मेहता के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल।
🤝1966
श्रीमती सुचेता कृपालानी (मुख्यमंत्री) के राजनीतिक सलाहकार के रूप में दायित्व निर्वाह।
🏆1969
विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित उ०प्र० में संयुक्त विधायक दल की सरकार के अधिकृत उम्मीदवार को सीधे मुकाबले में पराजित किया। यह राय साहब की व्यक्तिगत उपलब्धि थी क्योंकि कांग्रेस पार्टी विपक्ष में थी और उसके सदस्य बहुत कम थे।
मोती लाल मेमोरियल सोसाइटी व भारत सेवा संस्थान के सदस्य।
कांग्रेस के बटवारे के बाद कांग्रेस संगठन में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री।
विधान परिषद की सार्वजनिक कारोबार समिति के सदस्य।
सदस्य प्राविधिक शिक्षा परिषद।
कांग्रेस (इंदिरा गुट) के प्रखर आलोचक।
📢1974
विधान परिषद में नेता विरोधी दल। इस कार्यकाल में पहली बार मीडिया में विधान परिषद को अधिक महत्व।
जय प्रकाश आंदोलन में सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व। इनके लखनऊ आवास पर जन संघर्ष समन्वय समिति उ०प्र० व छात्र युवा संघर्ष समिति का मुख्यालय था।
🏃1975
आपातकाल की घोषणा के साथ फरारी। लखनऊ आवास पर कई बार छापे।
तत्पश्चात् भूमिगत आंदोलन का नेतृत्व, आन्तरिक सुरक्षा कानून के अन्तर्गत वारंट। घर की चल सम्पत्ति की कुर्की।
आपातकाल की फरारी में वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, इलाहाबाद, दिल्ली, पटना, बक्सर, कलकता, अहमदाबाद, बड़ौदा, बम्बई आदि स्थानों पर रहकर आंदोलन को गतिमान रखा।
गुप्त बुलेटिनो व समाचार पत्र का प्रकाशन।
चौधरी चरण सिंह व अन्य नेताओं के बीच सम्पर्क सूत्र का कार्य।
🗳️1977
लोकसभा के चुनाव गाजीपुर से जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा सदस्य निर्वाचित।
लोक लेखा समिति सहित संसद की समितियों के सदस्य।
लोकसभा सदस्य के अल्पकालीन अवधि 36 बार महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर दिशा निदेशक भाषण।
इन्दिरा गाँधी के विरुद्ध ऐतिहासिक विशेषाधिकार हनन का सवाल उठाया। भारत के जाने माने संवैधानिक विशेषज्ञों के राय के विरूद्ध अपने सवाल पर डटे रहे तथा अन्त में विजय। यह विशेषाधिकार का मामला अन्तरराष्ट्रीय महत्त्व का था।
आपात काल में नजरबंदो की रिहाई, इंदिरा गाँधी की सदस्यता समाप्ति, पूर्वांचल के पिछड़ेपन, शाह आयोग की रिपोर्ट, किसानों विशेषकर गन्ना किसानों की समस्याओं और चीनी नीति, व विदेश नीति पर अनेक ऐतिहासिक व्याख्यान।
🌐1978
हांगकांग, सिंगापुर, जापान, साउथ कोरिया, ब्रिटेन, कनाडा, स्वीट्जरलैण्ड, अमेरिका तथा अन्य यूरोपीय देशो की यात्रा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतिहास में पहली बार हिन्दी में भाषण। महासभा को हिन्दी में सम्बोधित करने वाले मात्र दो सदस्यों में श्री राय के अतिरिक्त तत्कालीन विदेशमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी थे।
राष्ट्र संघ की महासभा व उसकी विभिन्न समितियों में दक्षिण अफ्रीका के राजनीतिक बंदियों, परमाणविक रेडिएशन के मानवजीवन पर प्रभाव, वाह्यअन्तरिक्ष का शान्तिपूर्ण प्रयोग, फिलीस्तीनी और इजरायली समस्याए तथा राष्ट्र संघ के विभिन्न कार्यक्रमों पर करीब एक दर्जन प्रभावपूर्ण भाषण।
उ०प्र० गन्ना किसान संघ के अध्यक्ष।
जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य।
⚖️1984
राजनीति के अपराधीकरण के मुद्दे पर जनतापार्टी के नेतृत्व से टकराव, पटना सम्मेलन का बहिष्कार तथा जनता पार्टी से सम्बन्ध विच्छेद।
सैद्धान्तिक मुद्दो पर कभी कोई समझौता नहीं। आजीवन विपक्षी नेता की छवि तथा तेवर।
लाइब्रेरी के लगातार प्रयोग के हिमायती। अध्ययन इनकी विशेष रूचि। बाद में लोक दल व जनता दल से सम्बन्ध।
अनेक शिक्षण संस्थाओं से सम्बन्ध। खेसारी के उपयोग और उत्पादन के सम्बन्ध में उ०प्र० शासन के आदेश के विरूद्ध गाजीपुर में किसानों का आंदोलन।